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Thursday, December 10, 2015

Ravan. Todays vs old

रावण बनना भी कहां आसान...

रावण में अहंकार था
तो पश्चाताप भी था

रावण में वासना थी
तो संयम भी था

रावण में सीता के अपहरण की ताकत थी
तो बिना सहमति परस्त्री को स्पर्श भी न करने का संकल्प भी था

सीता जीवित मिली ये राम की ही ताकत थी
पर पवित्र मिली ये रावण की भी मर्यादा थी

राम,
तुम्हारे युग का रावण अच्छा था..

दस के दस चेहरे, सब "बाहर" रखता था...!!


Radhekrishna...